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Railways: तीन दिन में दूसरी बार जिंदगी की डोर बनी वंदे भारत ट्रेन, पहली बार इस स्टेशन पर रोकी गई
Mon, 03 Aug 2026 01:44 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
डिजिटल ब्यूरो ,अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो ,अमर उजाला
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Mon, 03 Aug 2026 01:44 PM IST
सार
समय पर डोनर हार्ट पहुंचाना ट्रांसप्लांट की सफलता के लिए बेहद जरूरी होता है। ऐसे में वंदे भारत एक्सप्रेस तेज और भरोसेमंद माध्यम साबित हो रही है।
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वंदे भारत एक्सप्रेस
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
गुजरात में वंदे भारत एक्सप्रेस ने एक बार फिर जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाई। तीन दिनों के भीतर दूसरी बार डोनर हार्ट को इसी ट्रेन से ट्रांसप्लांट के लिए अहमदाबाद पहुंचाया गया। इस ऑपरेशन के लिए पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस को विशेष रूप से अंकलेश्वर रेलवे स्टेशन पर रोका गया, ताकि डोनर हार्ट समय पर ट्रेन में पहुंचाया जा सके।
जानकारी के मुताबिक, डोनर हार्ट अंकलेश्वर के श्रीमती जयाबेन मोदी मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल से निकाला गया। इसके बाद उसे तुरंत रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया गया। स्थानीय पुलिस ने अस्पताल से रेलवे स्टेशन तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया। इससे डोनर हार्ट बिना ट्रैफिक बाधा के तय समय पर स्टेशन पहुंच सके।
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रेलवे अधिकारियों के अनुसार, तीन दिनों में यह दूसरी बार है जब वंदे भारत एक्सप्रेस से डोनर हार्ट अहमदाबाद पहुंचाया गया। इससे पहले सूरत से भी इसी ट्रेन के जरिए हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए भेजा गया था। समय पर डोनर हार्ट पहुंचाना ट्रांसप्लांट की सफलता के लिए बेहद जरूरी होता है। ऐसे में वंदे भारत एक्सप्रेस तेज और भरोसेमंद माध्यम साबित हो रही है।
इससे पहले शुक्रवार को भी वंदे भारत एक्सप्रेस से सूरत से अहमदाबाद तक डोनर हार्ट पहुंचाया गया था। करीब 250 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए ट्रेन और शहर की सड़कों पर ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। समय पर हार्ट पहुंचने से एक गंभीर हृदय रोगी के ट्रांसप्लांट में मदद मिली।
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History was created once again as the second Live Heart Transport in the history of Indian Railways was successfully accomplished on 2 August 2026 aboard Train No. 20901 Mumbai Central–Gandhinagar Capital Vande Bharat Express, carrying a life-saving heart from Ankleshwar to… pic.twitter.com/ZhCJ57jSxT
— DRM Ahmedabad (@drmadiwr) August 2, 2026विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, डोनर हार्ट अंकलेश्वर के श्रीमती जयाबेन मोदी मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल से निकाला गया। इसके बाद उसे तुरंत रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया गया। स्थानीय पुलिस ने अस्पताल से रेलवे स्टेशन तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया। इससे डोनर हार्ट बिना ट्रैफिक बाधा के तय समय पर स्टेशन पहुंच सके।
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रेलवे अधिकारियों के अनुसार, तीन दिनों में यह दूसरी बार है जब वंदे भारत एक्सप्रेस से डोनर हार्ट अहमदाबाद पहुंचाया गया। इससे पहले सूरत से भी इसी ट्रेन के जरिए हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए भेजा गया था। समय पर डोनर हार्ट पहुंचाना ट्रांसप्लांट की सफलता के लिए बेहद जरूरी होता है। ऐसे में वंदे भारत एक्सप्रेस तेज और भरोसेमंद माध्यम साबित हो रही है।
इससे पहले शुक्रवार को भी वंदे भारत एक्सप्रेस से सूरत से अहमदाबाद तक डोनर हार्ट पहुंचाया गया था। करीब 250 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए ट्रेन और शहर की सड़कों पर ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। समय पर हार्ट पहुंचने से एक गंभीर हृदय रोगी के ट्रांसप्लांट में मदद मिली।